चार फीसदी पर किसानों को मिले पांच लाख तकऋण
किसान प्रतिनिधियों और कृषि विशेषज्ञों ने वित्त मंत्री अरुण जेटली से चार प्रतिशत ब्याज पर पांच लाख रुपये तक का कृषि ऋण उपलब्ध कराने के साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी करने, फसल बीमा का दयरा बढ़ाने और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को गति देने वाली निर्यात नीति बनाने की अपील की है। जेटली ने बजट पूर्व परिचर्चा के तहत यहां किसान प्रतिनिधियों, कृषि विशेषज्ञों और श्रमिक संगनों के साथ चर्चा की। इस दौरान उर्वरक उद्योग संगठन एफएआई ने यूरिया की सब्सिडी को सीधे किसानों के बैंक खाते में हस्तांतरित करने और पिछले तीन वर्षा के बकाया सब्सिडी के भुगतान के लिए बजट में 50 हजार करोड़ रुपये आवंटित करने की मांग की। इस दौरान विशेषज्ञों ने कृषि उत्पादक संगठनों और कृषि सहकारी संगठनों की आय को आयकर के दायरे से बाहर रखने, मिल्क पावडर के लिए बफर स्टॉक बनाने तथा रबर आयात पर सुरक्षात्मक शुल्क लगाने की सिफारिश की है। इसमें शामिल प्रतिनिधियों के अनुसार वित्त मंत्री ने कहा कि कठिनाइयों का सामना कर रहे कृषि क्षेत्र को सरकार उच्च प्राथमिकता दे रही है। करीब दो घंटे तक चली इस परिचर्चा के बाद कंसोर्टियम आॅफ इंडियन फार्मर्स एसोसियेशन के महासचिव बी. डी. रामी रेड्डी ने कहा कि स्थिति बहुत गंभीर है। सरकार सिर्फ बात कर रही है लेकिन वास्तव में कर कुछ नहीं रही है। उनके संगठन ने सभी किसानों और पट्टेदार किसानों को चार प्रतिशत ब्याज पर पांच लाख रुपये तक ऋण दिये जाने की मांग की है।
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